श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 286
 
 
श्लोक  3.9.286 
“কি বলিলি কি বলিলি পণ্ডিত-শ্রীবাস!
মোহার নাডারে কহ শুক বা প্রহ্লাদ!
“कि बलिलि कि बलिलि पण्डित-श्रीवास!
मोहार नाडारे कह शुक वा प्रह्लाद!
 
 
अनुवाद
"आपने क्या कहा? आपने क्या कहा, पंडित श्रीवास? आप कह रहे हैं कि मेरा नाद शुकदेव या प्रह्लाद जैसा है!"
 
"What did you say? What did you say, Pandit Srivas? You are saying that my sound is like that of Shukdev or Prahlad!"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)