vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा
»
श्लोक 286
श्लोक
3.9.286
“কি বলিলি কি বলিলি পণ্ডিত-শ্রীবাস!
মোহার নাডারে কহ শুক বা প্রহ্লাদ!
“कि बलिलि कि बलिलि पण्डित-श्रीवास!
मोहार नाडारे कह शुक वा प्रह्लाद!
अनुवाद
"आपने क्या कहा? आपने क्या कहा, पंडित श्रीवास? आप कह रहे हैं कि मेरा नाद शुकदेव या प्रह्लाद जैसा है!"
"What did you say? What did you say, Pandit Srivas? You are saying that my sound is like that of Shukdev or Prahlad!"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×