श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 280
 
 
श्लोक  3.9.280 
এক-দিন প্রভু বসিযাছে সুপ্রকাশে
অদ্বৈত-শ্রীবাস-আদি-ভক্ত চারি-পাশে
एक-दिन प्रभु वसियाछे सुप्रकाशे
अद्वैत-श्रीवास-आदि-भक्त चारि-पाशे
 
 
अनुवाद
एक दिन भगवान अद्वैत और श्रीवास आदि भक्तों के बीच बैठे थे।
 
One day Lord Advaita and Srivasa were sitting among the devotees.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)