श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 267
 
 
श्लोक  3.9.267 
শুনি’ প্রভু অদ্বৈতের কৃপা-যুক্ত-বাণী
উচ্চ করি’ বলিতে লাগিলা হরি-ধ্বনি
शुनि’ प्रभु अद्वैतेर कृपा-युक्त-वाणी
उच्च करि’ बलिते लागिला हरि-ध्वनि
 
 
अनुवाद
अद्वैत का करुणामय वचन सुनकर भगवान ने ऊंचे स्वर में हरि नाम का जप किया।
 
Hearing the compassionate words of Advaita, the Lord chanted the name Hari loudly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)