vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा
»
श्लोक 260
श्लोक
3.9.260
প্রভু বলে,—“শুন শুন আচার্য-গোসাঞি!
কলি-যুগে এমন বিরক্ত ঝাট নাই
प्रभु बले,—“शुन शुन आचार्य-गोसाञि!
कलि-युगे एमन विरक्त झाट नाइ
अनुवाद
तब भगवान ने कहा, "अद्वैत गोसाणी, कृपया सुनो। कलियुग में इन दोनों के समान त्यागी कोई व्यक्ति नहीं है।"
Then the Lord said, "Advaita Gosani, please listen. In Kaliyuga there is no person as renounced as these two."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×