vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा
»
श्लोक 255
श्लोक
3.9.255
বিষয-বন্ধনে বদ্ধ সকল সṁসার
সে বন্ধন হৈতে তুমি দুই হৈলা পার
विषय-बन्धने बद्ध सकल सꣳसार
से बन्धन हैते तुमि दुइ हैला पार
अनुवाद
“सारा संसार भौतिक भोगों के बंधनों से बंधा हुआ है, फिर भी आपने स्वयं को उस बंधन से मुक्त कर लिया है।
“The whole world is bound by the bonds of material enjoyment, yet you have freed yourself from that bondage.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×