श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 254
 
 
श्लोक  3.9.254 
প্রভু বলে,—“ভাগ্যবন্ত তুমি-দুই জন
বাহির হৈলা ছিণ্ডি’ সṁসার-বন্ধন
प्रभु बले,—“भाग्यवन्त तुमि-दुइ जन
बाहिर हैला छिण्डि’ सꣳसार-बन्धन
 
 
अनुवाद
भगवान ने कहा, "तुम दोनों भाग्यशाली हो, क्योंकि तुम भौतिक जीवन के बंधनों को तोड़कर घर छोड़ आये हो।
 
The Lord said, “You both are fortunate, because you have left home, breaking the bonds of material life.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)