श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 248
 
 
श्लोक  3.9.248 
রাজপাত্র করি’ মোরে বঞ্চনা করিলা
তবে মোরে মনুষ্য-জনম কেনে দিলা
राजपात्र करि’ मोरे वञ्चना करिला
तबे मोरे मनुष्य-जनम केने दिला
 
 
अनुवाद
"आपने हमें राजा का मंत्री बनाकर धोखा दिया है। फिर आपने हमें यह मानव जीवन क्यों दिया है?"
 
"You have deceived us by making us ministers of the king. Then why have you given us this human life?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)