श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 247
 
 
श्लोक  3.9.247 
তোমার ভক্তের সঙ্গে গোষ্ঠী না করিলুঙ্
তোমার কীর্তন না করিলুঙ্ নাশুনিলুঙ্
तोमार भक्तेर सङ्गे गोष्ठी ना करिलुङ्
तोमार कीर्तन ना करिलुङ् नाशुनिलुङ्
 
 
अनुवाद
हमने न तो आपके भक्तों की संगति की है, न ही आपका कीर्तन किया है और न ही आपका कीर्तन सुना है।
 
We have neither associated with your devotees, nor have we sung your praises, nor have we heard your praises.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)