श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 228
 
 
श्लोक  3.9.228 
হেন সে চৈতন্যদেব শ্রী-ভক্ত-বত্সল
ইহানে সে ’কৃষ্ণ’ করি’ গাযেন সকল
हेन से चैतन्यदेव श्री-भक्त-वत्सल
इहाने से ’कृष्ण’ करि’ गायेन सकल
 
 
अनुवाद
भगवान चैतन्य ने भक्तों के प्रति ऐसा स्नेह दिखाया, जिनकी महिमा सभी लोग स्वयं कृष्ण के रूप में करते हैं।
 
Lord Chaitanya showed such affection towards his devotees that everyone glorifies him as Krishna himself.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)