श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.9.22 
পতি-ব্রতা ব্যঞ্জনের পরিপাটী করে
যতেক প্রকার করে যেন চিত্তে স্ফুরে
पति-व्रता व्यञ्जनेर परिपाटी करे
यतेक प्रकार करे येन चित्ते स्फुरे
 
 
अनुवाद
उनकी पतिव्रता पत्नी ने अपने हृदय में प्रकट हुई प्रेरणा के अनुसार विभिन्न सब्जियां पकाने की तैयारी की।
 
His devoted wife prepared to cook various vegetables as per the inspiration that appeared in her heart.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)