श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 215
 
 
श्लोक  3.9.215 
সহস্র সহস্র লোক করেন কীর্তন
শ্রী-চৈতন্য-অবতার করিযা বর্ণন
सहस्र सहस्र लोक करेन कीर्तन
श्री-चैतन्य-अवतार करिया वर्णन
 
 
अनुवाद
वहाँ हजारों लोग भगवान चैतन्य की स्तुति में कीर्तन कर रहे थे।
 
Thousands of people were there singing kirtans in praise of Lord Chaitanya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)