श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 213
 
 
श्लोक  3.9.213 
সহস্র সহস্র জন না জানি কোথার
জগন্নাথ দেখি’ আইল প্রভু দেখিবার
सहस्र सहस्र जन ना जानि कोथार
जगन्नाथ देखि’ आइल प्रभु देखिबार
 
 
अनुवाद
भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने आए हजारों लोग अचानक भगवान चैतन्य के दर्शन करने आए।
 
Thousands of people who had come to see Lord Jagannath suddenly came to see Lord Chaitanya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)