श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 212
 
 
श्लोक  3.9.212 
সর্ব-কাল ভক্ত-জয বাডান ঈশ্বরে
হেন-কালে অদ্ভুত হৈল আসি’ দ্বারে
सर्व-काल भक्त-जय बाडान ईश्वरे
हेन-काले अद्भुत हैल आसि’ द्वारे
 
 
अनुवाद
भगवान सदैव अपने भक्तों की महिमा बढ़ाते हैं। तभी द्वार के ठीक बाहर एक अद्भुत घटना घटी।
 
God always glorifies his devotees. Then, just outside the gate, a miraculous event occurred.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)