श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 211
 
 
श्लोक  3.9.211 
আ-ব্রহ্মাণ্ড পূর্ণ হৈল তোমার কীর্তনে
কত জন দণ্ড তুমি করিবা কেমনে”
आ-ब्रह्माण्ड पूर्ण हैल तोमार कीर्तने
कत जन दण्ड तुमि करिबा केमने”
 
 
अनुवाद
"आपकी महिमा के कीर्तन ने सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को व्याप्त कर दिया है। आप इसके लिए कितने लोगों को दण्ड दे सकते हैं?"
 
"The chanting of your glories has permeated the entire universe. How many people can you punish for this?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)