श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 210
 
 
श्लोक  3.9.210 
হেমগিরি সেতুবন্ধ পৃথিবী পর্যন্ত
তোমার নির্মল যশে পূরিল দিগন্ত
हेमगिरि सेतुबन्ध पृथिवी पर्यन्त
तोमार निर्मल यशे पूरिल दिगन्त
 
 
अनुवाद
हिमालय से सेतुबंध तक, सम्पूर्ण जगत में आपकी निष्कलंक कीर्ति सर्वत्र फैली हुई है।
 
From the Himalayas to Setubandha, your unblemished fame is spread throughout the world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)