श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 204
 
 
श्लोक  3.9.204 
শুনিযা প্রভুর বাক্য পণ্ডিত-শ্রীবাসে
হস্তে সূর্য আচ্ছাদিযা মনে মনে হাসে
शुनिया प्रभुर वाक्य पण्डित-श्रीवासे
हस्ते सूर्य आच्छादिया मने मने हासे
 
 
अनुवाद
भगवान के वचन सुनकर श्रीवास पंडित मन ही मन हंस पड़े और उन्होंने अपने दोनों हाथों से सूर्य को ढकने का प्रयास किया।
 
Hearing the words of the Lord, Srivasa Pandita laughed in his heart and tried to cover the Sun with both his hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)