श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 197
 
 
श्लोक  3.9.197 
ভয-যুক্ত হৈযা সকল ভক্ত-গণ
চিন্তিতে লাগিলা গৌরচন্দ্রের চরণ
भय-युक्त हैया सकल भक्त-गण
चिन्तिते लागिला गौरचन्द्रेर चरण
 
 
अनुवाद
तब सभी भक्त भयभीत हो गए और उन्होंने गौरचन्द्र के चरणकमलों का ध्यान करना आरम्भ कर दिया।
 
Then all the devotees became frightened and started meditating on the lotus feet of Gaurachandra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)