श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 188
 
 
श्लोक  3.9.188 
আনন্দে কাহারো বাহ্য নাহিক শরীরে
সবে দেখে—প্রভু আছে কীর্তন-ভিতরে
आनन्दे काहारो बाह्य नाहिक शरीरे
सबे देखे—प्रभु आछे कीर्तन-भितरे
 
 
अनुवाद
वे सभी इतने आनंद में डूब गए कि उन्हें बाह्य चेतना ही खो गई। तभी उन्होंने भगवान को कीर्तन में नृत्य करते देखा।
 
They were all so immersed in bliss that they lost all consciousness. Then they saw the Lord dancing to the kirtan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)