श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 158
 
 
श्लोक  3.9.158 
“শুন ভাই-সব, এক কর সমবায
মুখ ভরি’ গাই’ আজি শ্রী-চৈতন্য-রায
“शुन भाइ-सब, एक कर समवाय
मुख भरि’ गाइ’ आजि श्री-चैतन्य-राय
 
 
अनुवाद
"कृपया सुनो, मेरे प्यारे भाइयों। आओ हम सब मिलकर श्री चैतन्य महाप्रभु का गुणगान करें।"
 
"Please listen, my dear brothers. Let us all together sing the praises of Sri Chaitanya Mahaprabhu."
तात्पर्य
समावाय शब्द का अर्थ है "एक साथ"।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)