श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 134
 
 
श्लोक  3.9.134 
প্রভু বলে,—“জ্ঞান হৈতে ভক্তি বড কেনে?
’জ্ঞান বড’ করিযা সে কহে ন্যাসি-গণে”
प्रभु बले,—“ज्ञान हैते भक्ति बड केने?
’ज्ञान बड’ करिया से कहे न्यासि-गणे”
 
 
अनुवाद
भगवान ने पूछा, "भक्ति ज्ञान से बड़ी क्यों है? संन्यासी कहते हैं कि ज्ञान बड़ा है।"
 
The Lord asked, "Why is devotion greater than knowledge? Sanyasis say that knowledge is greater."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)