প্রভু বলে,—“জান, ’লক্ষেশ্বর’ বলি কারে?
প্রতি-দিন লক্ষ-নাম যে গ্রহণ করে
प्रभु बले,—“जान, ’लक्षेश्वर’ बलि कारे?
प्रति-दिन लक्ष-नाम ये ग्रहण करे
अनुवाद
भगवान ने उत्तर दिया, "क्या तुम जानते हो कि लक्षेश्वर कौन है? वह व्यक्ति जो प्रतिदिन एक लाख पवित्र नामों का जप करता है।"
The Lord replied, "Do you know who Laksheshwara is? The person who chants one lakh holy names every day."
तात्पर्य
श्री गौरासुंदर ने कहा,"भगवान की सेवा केवल उनके घर में होती है जो प्रतिदिन एक लाख नाम जपता है। भगवान केवल ऐसे व्यक्ति से ही भोजन सामग्री जैसी वस्तुओं को स्वीकार करते हैं। जो एक लाख नाम नहीं जपता, भगवान उनकी भेंट स्वीकार कर उनकी सेवा का सौभाग्य नहीं देते हैं।" भगवान के सभी भक्तों को प्रतिदिन एक लाख नाम जपना चाहिए, अन्यथा वे कई प्रकार के भौतिक सुखों से जुड़ जाएंगे और भगवान की सेवा करने में असमर्थ हो जाएंगे। यही कारण है कि श्री चैतन्यदेव के संरक्षण में सभी कम से कम एक लाख नाम जपते हैं। अन्यथा गौरासुंदर उन्हें चढ़ाए जाने वाले भोजन को स्वीकार नहीं करेंगे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥