| श्री चैतन्य भागवत » खण्ड 3: अंत्य-खण्ड » अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ » श्लोक 107 |
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| | | | श्लोक 3.7.107  | জগন্নাথ, বলরাম, সুভদ্রা, সুদর্শন
সবা দেখি’ নিত্যানন্দ করেন ক্রন্দন | जगन्नाथ, बलराम, सुभद्रा, सुदर्शन
सबा देखि’ नित्यानन्द करेन क्रन्दन | | | | | | अनुवाद | | नित्यानंद प्रभु ने जगन्नाथ, बलदेव, सुभद्रा और सुदर्शन को देखकर आंसू बहाए। | | | | Nityananda Prabhu shed tears on seeing Jagannatha, Baladeva, Subhadra and Sudarshan. | |
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