श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  3.6.99 
অভ্যর্চযিত্বা গোবিন্দṁ
তদীযান্ অর্চযন্তি যে
ন তে বিষ্ণু-প্রসাদস্য
ভাজনṁ দম্ভিকা জনাঃ
अभ्यर्चयित्वा गोविन्दꣳ
तदीयान् अर्चयन्ति ये
न ते विष्णु-प्रसादस्य
भाजनꣳ दम्भिका जनाः
 
 
अनुवाद
“जो अभिमानी और अहंकारी व्यक्ति भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं, लेकिन भगवान के भक्तों की पूजा नहीं करते, उन्हें भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त नहीं होती।”
 
“Those arrogant and egoistic people who worship Lord Krishna but do not worship the devotees of the Lord do not receive the blessings of Lord Krishna.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)