vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा
»
श्लोक 95
श्लोक
3.6.95
মোর পূজা, মোর নাম-গ্রহণ যে করে
মোর ভক্ত নিন্দে যদি তারো বিঘ্ন ধরে
मोर पूजा, मोर नाम-ग्रहण ये करे
मोर भक्त निन्दे यदि तारो विघ्न धरे
अनुवाद
“यदि कोई मेरी पूजा करता है और मेरा नाम जपता है और मेरे भक्त की निन्दा करता है, तो उसकी प्रगति रुक जाती है।
“If someone worships me and chants my name and slanders my devotee, his progress stops.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×