श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  3.6.51 
এই-মত আমারে ও কর’ পূর্ণ-কাম
আনি’ দেহ’ মোরে মৃত ছয পুত্র দান
एइ-मत आमारे ओ कर’ पूर्ण-काम
आनि’ देह’ मोरे मृत छय पुत्र दान
 
 
अनुवाद
“उसी तरह आप मेरे छह मृत पुत्रों को जीवित करके मेरी इच्छा पूरी कर सकते हैं।”
 
“In the same way you can fulfill my wish by bringing my six dead sons back to life.”
तात्पर्य
श्रीमद् भागवतम 10.85.30-33 देखें।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)