श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.6.19 
কাষায কৌপীন ছাডি’ দিব্য পট্টবাস
ধরেন চন্দন মালা সদাই বিলাস
काषाय कौपीन छाडि’ दिव्य पट्टवास
धरेन चन्दन माला सदाइ विलास
 
 
अनुवाद
"उन्होंने भगवा लंगोटी त्याग दी है और बढ़िया रेशमी कपड़े पहनते हैं। वे हमेशा चंदन और फूलों की मालाओं से अपना श्रृंगार करते हैं।"
 
"He has given up the saffron loincloth and wears fine silk clothes. He always adorns himself with sandalwood paste and garlands of flowers."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)