श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 135
 
 
श्लोक  3.6.135 
যে-সে-কেনে চৈতন্যের নিত্যানন্দ নহে
তান পাদ-পদ্ম মোর রহুক হৃদযে
ये-से-केने चैतन्येर नित्यानन्द नहे
तान पाद-पद्म मोर रहुक हृदये
 
 
अनुवाद
यदि नित्यानन्द भगवान चैतन्य के अत्यन्त तुच्छ सेवक भी हों, तो भी मैं उनके चरणकमलों को अपने हृदय में रखूँगा।
 
Even if Nityananda were the most insignificant servant of Lord Caitanya, I would still keep his lotus feet in my heart.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)