श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.6.13 
দৈবে এক দিন সেই ব্রাহ্মণ নিভৃতে
চিত্তে ইচ্ছা করিলেন কিছু জিজ্ঞাসিতে
दैवे एक दिन सेइ ब्राह्मण निभृते
चित्ते इच्छा करिलेन किछु जिज्ञासिते
 
 
अनुवाद
एक दिन उस ब्राह्मण को भगवान से एकांत में अपने मन की बात पूछने का अवसर मिला।
 
One day that Brahmin got the opportunity to ask God his thoughts in private.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)