श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 117
 
 
श्लोक  3.6.117 
পতিতের ত্রাণ লাগি’ তাঙ্র অবতার
যাঙ্হার হৈতে সর্ব-জীব হৈবে উদ্ধার
पतितेर त्राण लागि’ ताङ्र अवतार
याङ्हार हैते सर्व-जीव हैबे उद्धार
 
 
अनुवाद
"उन्होंने पतित आत्माओं का उद्धार करने के लिए अवतार लिया है। सभी जीवों का उद्धार उनके द्वारा होगा।"
 
"He has incarnated to save fallen souls. All living beings will be saved through Him."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)