श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 113
 
 
श्लोक  3.6.113 
পিতা-মাতা-রাম-কৃষ্ণ-পদে নমস্করি’
চলিলেন সর্ব-দেব-গণ নিজ-পুরী
पिता-माता-राम-कृष्ण-पदे नमस्करि’
चलिलेन सर्व-देव-गण निज-पुरी
 
 
अनुवाद
“अपने पिता, माता, बलराम और कृष्ण को प्रणाम करके वे देवता अपने धाम को लौट गये।
 
“After paying obeisance to their father, mother, Balarama and Krishna, the gods returned to their abode.
तात्पर्य
श्रीमद्भागवतम् (10.85.47-58) देखें।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)