श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 6: श्री नित्यानंद प्रभु की महिमा  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.6.10 
চৈতন্য-চন্দ্রেতে তার বড দৃঢ-ভক্তি
নিত্যানন্দ-স্বরূপের না জানেন শক্তি
चैतन्य-चन्द्रेते तार बड दृढ-भक्ति
नित्यानन्द-स्वरूपेर ना जानेन शक्ति
 
 
अनुवाद
चैतन्य चन्द्र में उनकी दृढ़ भक्ति थी, किन्तु वे नित्यानन्द स्वरूप की शक्ति से अनभिज्ञ थे।
 
He had strong devotion for Chaitanya Chandra, but he was unaware of the power of Nityananda Swarupa.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)