श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 84
 
 
श्लोक  3.5.84 
হাসি’ বলে প্রভু,—“শুন রাঘব পণ্ডিত!
কৃষ্ণের রন্ধন গিযা করহ ত্বরিত”
हासि’ बले प्रभु,—“शुन राघव पण्डित!
कृष्णेर रन्धन गिया करह त्वरित”
 
 
अनुवाद
भगवान मुस्कुराए और बोले, "सुनो, राघव पंडित! जाओ और जल्दी से कृष्ण के लिए खाना बनाओ।"
 
The Lord smiled and said, "Listen, Raghava Pandit! Go and quickly prepare food for Krishna."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)