श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 745
 
 
श्लोक  3.5.745 
চতুর্ভুজ-পণ্ডিত-নন্দন গঙ্গাদাস
পূর্বে যাঙ্র ঘরে নিত্যাননদের বিলাস
चतुर्भुज-पण्डित-नन्दन गङ्गादास
पूर्वे याङ्र घरे नित्याननदेर विलास
 
 
अनुवाद
गंगादास चतुर्भुज पंडित के पुत्र थे। नित्यानंद पहले उनके घर में रह चुके थे।
 
Gangadasa was the son of Chaturbhuj Pandit, whose house Nityananda had previously lived in.
तात्पर्य
गांगादास का विवरण के लिये, चैतन्य-चरितामृतमृत, आदि-लीला, अध्याय ग्यारह, श्लोक 43 एवं उस पर अनुभाष्य टीका देखिये।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)