vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ
»
श्लोक 616
श्लोक
3.5.616
অন্ধ হৈযাছে—কিছু না পায দেখিতে
মরে দস্যু-গণ মহা-ঝড-বৃষ্টি-শীতে
अन्ध हैयाछे—किछु ना पाय देखिते
मरे दस्यु-गण महा-झड-वृष्टि-शीते
अनुवाद
वे अंधे हो गए थे और कुछ भी देखने में असमर्थ थे, और अब वे भयंकर तूफान और ठंड से पीड़ित थे।
They had become blind and were unable to see anything, and now they were suffering from the terrible storm and cold.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×