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श्लोक 3.5.608  |
কেহ কেহ পডে গিযা কাঙ্টার উপরে
সর্ব অঙ্গে ফুটে কাঙ্টা, নডিতে না পারে |
केह केह पडे गिया काङ्टार उपरे
सर्व अङ्गे फुटे काङ्टा, नडिते ना पारे |
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| अनुवाद |
| कुछ लोग कांटों पर गिरे, जिससे उनका पूरा शरीर छिद गया और वे हिल भी नहीं सके। |
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| Some people fell on thorns, which pierced their entire body and they could not even move. |
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