श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 598
 
 
श्लोक  3.5.598 
সর্ব-অঙ্গে সকল অমূল্য অলঙ্কার
যেন দেখি বলদেব—রোহিণী-কুমার
सर्व-अङ्गे सकल अमूल्य अलङ्कार
येन देखि बलदेव—रोहिणी-कुमार
 
 
अनुवाद
उनके सम्पूर्ण शरीर पर अमूल्य आभूषण थे, तथा वे रोहिणीपुत्र बलदेव के समान प्रतीत होते थे।
 
He had precious ornaments all over his body, and he looked like Baldev, the son of Rohini.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)