श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 594
 
 
श्लोक  3.5.594 
অবিদ্যা খণ্ডযে যাঙ্র দাসের স্মরণে
সে প্রভুরে বিঘ্ন করিবেক কোন্ জনে
अविद्या खण्डये याङ्र दासेर स्मरणे
से प्रभुरे विघ्न करिबेक कोन् जने
 
 
अनुवाद
जब प्रभु के सेवक का स्मरण करने से ही सारा अज्ञान नष्ट हो जाता है, तो उनके सामने कौन बाधा डाल सकता है?
 
When all ignorance is destroyed by just remembering the servant of the Lord, then who can create any obstacle in front of him?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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