श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 538
 
 
श्लोक  3.5.538 
“আরে ভাই, সবে আর কেনে দুঃখ পাই
চণ্ডী-মাযে নিধি মিলাইলা এক ঠাঞি
“आरे भाइ, सबे आर केने दुःख पाइ
चण्डी-माये निधि मिलाइला एक ठाञि
 
 
अनुवाद
"हे भाइयों, हम अभी भी क्यों कष्ट में हैं? देवी चण्डी ने हमारे लिए एक ही स्थान पर खजाना प्रदान किया है।
 
"O brothers, why are we still suffering? Goddess Chandi has provided us with treasures in one place.
तात्पर्य
‘‘श्री चंडीमाता हमारी भौतिक इच्छाओं की पूर्णता का एकमात्र आसरा हैं। उन्होंने दया करके हमारी लूटपाट के लिए सामग्रियाँ प्रदान कर दी हैं।''
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)