श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 524
 
 
श्लोक  3.5.524 
তাহারাও নিত্যানন্দ-প্রভুর কৃপায
কৃষ্ণ-পথে রত হৈল অতি আমাযায
ताहाराओ नित्यानन्द-प्रभुर कृपाय
कृष्ण-पथे रत हैल अति आमायाय
 
 
अनुवाद
फिर भी नित्यानंद प्रभु की कृपा से वे भी शुद्ध कृष्णभावनामृत के मार्ग पर आ गये।
 
Yet, by the grace of Nityananda Prabhu, he too came to the path of pure Krishna consciousness.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)