श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 523
 
 
श्लोक  3.5.523 
তথি মধ্যে দুর্জন যে কত কত বৈসে
সর্ব-ধর্ম ঘুচে তার ছাযার পরশে
तथि मध्ये दुर्जन ये कत कत वैसे
सर्व-धर्म घुचे तार छायार परशे
 
 
अनुवाद
उनमें अनेक पापी लोग भी रहते थे। उनकी छाया मात्र से ही मनुष्य के सारे धर्म नष्ट हो जाते थे।
 
Many sinful people also lived among them. Their mere shadow destroyed all human virtues.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)