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श्लोक 3.5.493  |
অদ্বৈতের বাক্য বুঝিবার শক্তি কার?
জানিহ ঈশ্বর-সনে ভেদ নাহি যাঙ্র |
अद्वैतेर वाक्य बुझिबार शक्ति कार?
जानिह ईश्वर-सने भेद नाहि याङ्र |
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| अनुवाद |
| अद्वैत के शब्दों को समझने की शक्ति किसमें है? वास्तव में, वह परमेश्वर से अभिन्न है। |
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| Who has the power to understand the words of Advaita? In reality, he is one with God. |
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