श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 489
 
 
श्लोक  3.5.489 
যে ভক্তি বাঞ্ছযে যোগেশ্বর মুনি-গণে
তোমা হৈতে তাহা পাইবেক যে-তে জনে”
ये भक्ति वाञ्छये योगेश्वर मुनि-गणे
तोमा हैते ताहा पाइबेक ये-ते जने”
 
 
अनुवाद
“सर्वोत्तम रहस्यवादी योगियों और ऋषियों द्वारा इच्छित भक्ति सेवा आपकी कृपा से सभी को प्राप्त होगी।”
 
“The devotional service desired by the best mystic yogis and sages will be attained by all by your grace.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)