श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 482
 
 
श्लोक  3.5.482 
বিষ্ণু-ভক্তি সবেই পাযেন তোমা হৈতে
তথাপিহ অভিমান না স্পর্শে তোমাতে
विष्णु-भक्ति सबेइ पायेन तोमा हैते
तथापिह अभिमान ना स्पर्शे तोमाते
 
 
अनुवाद
“आपकी कृपा से सभी लोग भगवान विष्णु की भक्ति प्राप्त करते हैं, फिर भी आप कभी भी अभिमान से ग्रस्त नहीं होते।
 
“By your grace everyone attains devotion to Lord Vishnu, yet you are never afflicted with pride.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)