श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  3.5.48 
শ্রীবাস বলেন হাতে তিন তালি দিযা
“এক, দুই, তিন এই কহিলুঙ্ ভাঙ্গিযা”
श्रीवास बलेन हाते तिन तालि दिया
“एक, दुइ, तिन एइ कहिलुङ् भाङ्गिया”
 
 
अनुवाद
श्रीवास ने तीन बार ताली बजाई और कहा, “एक, दो, तीन - यही रहस्य है।”
 
Srivas clapped his hands three times and said, “One, two, three – that's the secret.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)