श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 400
 
 
श्लोक  3.5.400 
গদাধর বলে,—“আরে, কাজী বেটা কোথাজ্
হাট ’কৃষ্ণ’ বল, নহে ছিণ্ডোঙ্ তোর মাথা”
गदाधर बले,—“आरे, काजी बेटा कोथाज्
हाट ’कृष्ण’ बल, नहे छिण्डोङ् तोर माथा”
 
 
अनुवाद
गदाधर बोले, "वह आदमी कहाँ है, काजी? जल्दी से कृष्ण का नाम जप, नहीं तो मैं तेरा सिर धड़ से अलग कर दूँगा।"
 
Gadadhara said, "Where is that man, Kazi? Chant the name of Krishna quickly, or I will cut off your head."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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