श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 392
 
 
श्लोक  3.5.392 
হেন শক্তি প্রকাশেন নিত্যানন্দ-রায
তথাপি না বুঝে কেহ চৈতন্য-মাযায
हेन शक्ति प्रकाशेन नित्यानन्द-राय
तथापि ना बुझे केह चैतन्य-मायाय
 
 
अनुवाद
भगवान नित्यानन्द द्वारा ऐसी शक्ति प्रकट की गई थी, फिर भी भगवान चैतन्य की मायावी शक्ति के प्रभाव से कोई भी इसे समझ नहीं सका।
 
Such power was manifested by Lord Nityananda, yet no one could understand it due to the influence of Lord Chaitanya's illusory power.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)