vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ
»
श्लोक 337
श्लोक
3.5.337
কত বা নির্মিত কত করিযা নির্মাণ
পরিলেন অলঙ্কার—যেন ইচ্ছা তান
कत वा निर्मित कत करिया निर्माण
परिलेन अलङ्कार—येन इच्छा तान
अनुवाद
फिर उन्होंने अपने आप को पहले से बने आभूषणों से तथा अपनी इच्छानुसार बने आभूषणों से सजाया।
Then they adorned themselves with pre-made ornaments and ornaments made as per their wish.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×