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श्लोक 3.5.292  |
সবার বচন শুনি’ নিত্যানন্দ-রায
কহিতে লাগিলা গোপ্য পরম-কৃপায |
सबार वचन शुनि’ नित्यानन्द-राय
कहिते लागिला गोप्य परम-कृपाय |
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| अनुवाद |
| उनकी बातें सुनकर भगवान नित्यानंद ने दयापूर्वक इसका रहस्य बताया। |
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| Hearing his words, Lord Nityananda kindly revealed the secret. |
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