श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 244
 
 
श्लोक  3.5.244 
কত-ক্ষণে পথ জিজ্ঞাসেন লোক-স্থানে
“বল ভাই, গঙ্গা-তীরে যাইব কেমনে”
कत-क्षणे पथ जिज्ञासेन लोक-स्थाने
“बल भाइ, गङ्गा-तीरे याइब केमने”
 
 
अनुवाद
कुछ समय बाद वे कुछ लोगों से पूछते, “हे भाइयों, हमें बताओ, हम गंगा तक कैसे पहुँच सकते हैं?”
 
After some time he asked some people, “O brothers, tell us, how can we reach Ganga?”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)