श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 141
 
 
श्लोक  3.5.141 
প্রভুরে দেখিতে সে রাজার বড প্রীত
প্রভু সে না দেন দরশন কদাচিত
प्रभुरे देखिते से राजार बड प्रीत
प्रभु से ना देन दरशन कदाचित
 
 
अनुवाद
यद्यपि राजा को भगवान के दर्शन की बहुत इच्छा थी, परन्तु भगवान किसी भी परिस्थिति में उसे दर्शन नहीं देते थे।
 
Although the king had a strong desire to see God, God did not appear to him under any circumstances.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)